मकर संक्रांति त्योहार

 मकर संक्रांति भारतीय हिन्दू कैलेंडर में महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करने को संक्रांति कहा जाता है। इस दिन बड़े पर्व के रूप में मनाया जाता है और विभिन्न भागों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, मघुसंक्रांति आदि।


इस दिन का महत्व विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकता है, लेकिन सामान्यत: इसे उत्तरायण की शुरुआत के रूप में देखा जाता है, जिसके साथ सूर्य की ऊँचाई बढ़ने लगती है। इस दिन भारतवर्षभर में बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जिनमें सूर्य पूजा, स्नान, दान-पुण्य के कार्यों का महत्वपूर्ण स्थान होता है।

मकर संक्रांति हिन्दी पंचांग के अनुसार मकर राशि में सूर्य का प्रवेश होने को संक्रांति कहा जाता है। यह हिन्दी कैलेंडर में जनवरी-फरवरी महीने में मनाया जाता है और इसे भारत भर में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। इसे पुण्यकाल में मनाने का माना जाता है, और लोग इसे विभिन्न परंपरागत रीतियों से धूप, तिल, गुड़, खीर, और खासकर सेसमी बारीस के साथ मनाते हैं।

तिल और गुड़ का महत्व,

मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का सामंजस्यिक महत्व है। इसे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और सर्दी में इसका सेवन तापमान को बनाए रखने में मदद करता है। इस दिन लोग एक दूसरे के साथ मिठाई बाँटकर मिलते हैं, जो समर्थन और समरसता का प्रतीक होता है।

Happy Makar Sankranti all

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